विरोधों के साये में सम्पन्न मोदी की जयपुर रैली ;Protests at Modi's Jaipur rally

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rajendra
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विरोधों के साये में सम्पन्न मोदी की जयपुर रैली ;Protests at Modi's Jaipur rally

Post by rajendra » Sat Dec 15, 2018 5:49 pm

बीती 7 जुलाई को जयपुर में “प्रधानमंत्री-लाभार्थी जन संवाद” के नाम से एक “भव्य प्रायोजित रैली” का आयोजन भाजपा सरकार ने किया| करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाकर आयोजित इस रैली में भाजपा सरकार के मन में एक डर साफ़ नजर आया| वो डर था- जन विरोध का| आखिर भाजपा को किस बात के विरोध का डर सता रहा था क्योंकि, भाजपा नेताओं की दृष्टि में तो मोदीजी भगवान हैं- फिर भगवान का विरोध क्यों; भाजपा के झूठे प्रचार के अनुसार तो मोदीजी ने देश की काया पलट कर दी- तो फिर विरोध का अंदेशा क्यों? आखिर, आक्रोशित किसानों-युवाओं को मोदी की रैली में आने से क्यों रोका गया? विरोध ही तो हमारे लोकतंत्र को मजबूत बनता है| फिर ये तो “संवाद कार्यक्रम” था|

रैली से एक दिन पहले खबर आती है की “हाड़ौती के किसानों का रैली में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है|” आखिर हाड़ौती के किसान ही क्यों, जबकि वो तो मुख्यमंत्री जी और उनके सांसद पुत्र का निर्वाचन क्षेत्र है| वहां के किसानों को तो कोई शिकायत नहीं होनी चाहिए| दरअसल, हाड़ौती वह क्षेत्र है जहाँ के लहसुन किसान उचित दाम न मिलने के कारण आत्महत्या कर रहे हैं| लाखों क्विंटल लहसुन मंडियों में बर्बाद हो रहा है| पंजीकृत किसानों का लहसुन खरीदने से भाजपा सरकार ने मना कर दिया है| ऐसे में, पूरे अंचल के आक्रोशित किसान प्रधानमंत्री मोदी तक अपना दुःख पहुँचाना चाहते थे लेकिन, उनके प्रवेश पर ही पाबंदी लगा दी गयी| शायद, छोटी-से-छोटी बात पर भी ट्वीट करने वाले मोदी जी के पास भी किसानों की पीड़ा सुनने का वक्त नहीं था| सबकी अपनी-अपनी सहूलियत है| खैर, राजस्थान के किसानों के पास वोट डालकर अपना आक्रोश प्रकट करने का विकल्प अभी भी खुला है|

ठीक ऐसा ही वाकया काले कपड़े पहनकर रैली में आये युवाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध का भी सामने आया है| बल्कि, रैली में आये सैकड़ों युवाओं के काले कपड़े खुलवा लिए गए; बुर्का पहनकर रैली में आयी मुस्लिम महिलाओं को रैली में प्रवेश देने से मना कर दिया गया| दरअसल, भाजपा सरकार को अपने “कुशासन” पर पूरा भरोसा है| इसलिए विरोध की पूर्ण संभावनाएं थी| बेरोजगारी की मार झेल रहा युवा वर्ग आक्रोशित है| लिहाजा, उस आक्रोश की आंच से बचने के लिए युवाओं को रैली में जाने से रोका गया| खैर, भाजपा और मोदीजी के मन में विरोध का यह डर देखकर आज पवित्र “संविधान” बहुत खुश होगा|

अब बात विरोध के साये में सम्पन्न हुए “प्रधानमंत्री-लाभार्थी जन संवाद कार्यक्रम” की| भैया, संवाद तो दोनों तरफ से होता है लेकिन एक बार फिर मोदीजी सिर्फ अपने “मन की बात” सुनाकर निकल लिए| अब जहां तक बात है “लाभार्थियों” की, तो अकेले उज्ज्वला योजना में लगभग 24 लाख महिलाएं अभी भी गैस कनेक्शन से वंचित है| मतलब, न तो लाभार्थी थे और न ही संवाद| था तो सिर्फ- प्रधानमंत्री मोदी का प्रायोजित फ्लॉप शो|एक बात और, रैली के लिए लायी गयी “भीड़” मुहाना मंडी में खुले में शौच करती नजरआयी है| यह तस्वीर मोदी और वसुंधरा सरकार के उस दावे की पोल खोल रही है जिसमें, राजस्थान के शहरी क्षेत्र को “खुले में शौच मुक्त” घोषित किया गया था|

खैर, वक्त के साथ भाजपा और मोदी सरकार की सच्चाई सामने आ रही है| राजस्थान की जनता ने भी अहसास करा दिया है कि वो वसुंधरा सरकार को आगामी चुनावों में आईना दिखाने जा रही है| भाजपा सरकार द्वारा रैलियों में विरोध को दबाने से राजस्थान की जनता के दिलों में सुलग रही आग को नहीं दबाया जा सकता-

आग दिलों में सुलग रही है सत्ता के अत्याचार की|
ये मरुधरा है वीरभूमि, आवाज उठेगी प्रतिकार की||

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